चाईबासा: झारखंड की चाईबासा पुलिस ने संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने साल 2024 में चाईबासा मंडल कारा के मुख्य द्वार पर हुई फायरिंग की घटना में शामिल सुजीत सिन्हा गिरोह के सक्रिय सदस्य समीर अंसारी उर्फ नसरु को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र अंतर्गत महुडंवा गांव से हुई है। रविवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सदर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान थाना प्रभारी तरुण कुमार ने घटना का विस्तृत विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि 6 अक्टूबर 2024 की रात अपराधियों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से मंडल कारा चाईबासा के गेट पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस गंभीर मामले को लेकर 16 अक्टूबर 2024 को सदर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चाईबासा एसपी अमित रेणु के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए समीर अंसारी को उसके छिपने के ठिकाने से धर दबोचा।
पूछताछ के दौरान आरोपी समीर अंसारी ने स्वीकार किया कि वह कुख्यात सुजीत सिन्हा गिरोह के लिए काम करता है। उसने जेल गेट पर हुई फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता कबूल करते हुए पुलिस को गिरोह के अन्य साथियों के नाम और पतों की भी जानकारी दी है। समीर के अनुसार, यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न क्षेत्रों में घूम-घूमकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस अब उसकी निशानदेही पर इस कांड में शामिल फरार चल रहे अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया है कि समीर अंसारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ 13 जनवरी 2025 को डालटनगंज शहर थाना में भी आर्म्स एक्ट का एक मामला दर्ज है। इस सफल अभियान में सदर थाना प्रभारी तरुण कुमार के साथ पुलिस अवर निरीक्षक उपेंद्र नारायण सिंह, श्रीकांत कुमार और सदर थाना के अन्य सशस्त्र बल शामिल थे।
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