रांची: झारखंड विधानसभा जाने वाले मार्ग पर स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के समीप सोमवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। ये छात्र झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) को जल्द से जल्द आयोजित करने की मांग को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए थे और विधानसभा के पास पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे थे। बताया जा रहा है कि छात्रों ने इस आंदोलन की सूचना आजसू के छात्र विंग को भी दी थी और उनके समर्थन के लिए उन्हें आमंत्रित किया था। आंदोलन के दौरान जब छात्र जगन्नाथपुर मंदिर के पास लगाई गई बैरिकेडिंग के करीब बड़ी संख्या में जुट गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने छात्रों को वहां से हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति अनियंत्रित होते देख डीएसपी ने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। इस कार्रवाई में आजसू छात्र संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो सहित कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
बबलू महतो ने अस्पताल में भर्ती होने के बाद बताया कि छात्र केवल अपनी जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन पर बेरहमी से बल प्रयोग किया।
दूसरी ओर, विधानसभा थाना के प्रभारी गणेश यादव ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदर्शन के लिए कुटे में एक निश्चित धरना स्थल बनाया गया है, जहां छात्र अपनी बात रख सकते थे। हालांकि, छात्र नियमों का उल्लंघन कर जगन्नाथपुर मंदिर के पास सड़क पर जमा हो गए और सरकार के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे। थाना प्रभारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी सरकारी काम में बाधा पहुंचा रहे थे, जिसके कारण पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और नियमों के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है।
इस घटना पर आजसू पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आजसू नेता बबलू महतो पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की और दोषी पुलिस अधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई की मांग की। डॉ. भगत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज कर छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया है। उन्होंने मांग की कि जिस अधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है, उसे तुरंत दंडित किया जाए और छात्रों की वर्षों पुरानी मांग के अनुरूप जल्द से जल्द जेटेट परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
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