सिर्फ जयकारे नहीं, राम के त्याग और आदर्शों को अपनाना ही सच्ची भक्ति: प्रीतम मिश्रा


रांची: रामनवमी के पावन पर्व पर आम आदमी पार्टी (AAP) के झारखंड प्रदेश सचिव प्रीतम मिश्रा ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रामनवमी को केवल धूमधाम, जुलूस और जश्न तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भगवान राम के 'मर्यादा पुरुषोत्तम' स्वरूप को अपने चरित्र में उतारना अनिवार्य है।

"राम राज्य का अर्थ है—अंतिम व्यक्ति का कल्याण"
रांची में पत्रकारों से बात करते हुए प्रीतम मिश्रा ने कहा कि भगवान श्री राम का जीवन संघर्ष और त्याग की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा:
> "भगवान राम ने राजपाट त्याग कर वनवास स्वीकार किया और समाज के दबे-कुचले वर्गों, जैसे निषादराज और माता शबरी को गले लगाकर सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश किया। आज हमें सिर्फ त्यौहार नहीं मनाना, बल्कि उनके उस समावेशी दृष्टिकोण को अपनाना होगा जहाँ हर नागरिक समान हो।"
> राजनीति और समाज के लिए संदेश
मिश्रा ने जोर देकर कहा कि आज की राजनीति और समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है। ऐसे में रामनवमी जैसे पर्व हमें याद दिलाते हैं कि सत्ता और शक्ति का उपयोग केवल जनसेवा के लिए होना चाहिए।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
 * आचरण पर जोर: प्रीतम मिश्रा ने युवाओं से अपील की कि वे श्री राम के धैर्य और संयम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
 * शांतिपूर्ण उत्सव: उन्होंने झारखंड की जनता से अपील की कि रामनवमी का जुलूस पूरी शांति, सौहार्द और मर्यादा के साथ निकालें ताकि समाज में भाईचारे का संदेश जाए।
 * असली राम राज्य: 'आप' नेता ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय की सुलभता ही आधुनिक युग का 'राम राज्य' है, जिसके लिए पार्टी निरंतर कार्य कर रही है।

शांति और भाईचारे की अपील

अंत में उन्होंने प्रदेश के सभी अखाड़ों और समितियों से अपील की कि वे इस त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाएं, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार की उग्रता या विवाद मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम को धूमिल न करे। उन्होंने सभी के सुख और समृद्धि की कामना करते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।


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