पलामू: स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर करोड़ों की बर्बादी? विधायक शशि भूषण मेहता ने उठाए सवाल
मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। पांकी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे "जनता के पैसों की खुली बर्बादी" करार दिया है।
पुराने भवन खंडहर, नए निर्माण पर जोर
विधायक मेहता के अनुसार, जिले में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन वहां न तो डॉक्टर हैं और न ही दवाइयां। इसके बावजूद, विभाग पुराने अधूरे भवनों को पूरा करने के बजाय नए केंद्रों के निर्माण की योजना बना रहा है।
मुख्य बिंदु और आरोप:
* नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड: यहां के सांगबार पंचायत स्थित गोराडीह गांव में 12 साल पहले बना स्वास्थ्य केंद्र आज भी बंद पड़ा है। हैरान करने वाली बात यह है कि मात्र 1.5 किमी की दूरी पर पहले से ही लेस्लीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है, फिर भी 1.5 करोड़ की लागत से नए केंद्र की योजना बनाई गई है।
* पांकी और तरहसी प्रखंड: बोरेंडीह और बनियारी गांवों में स्वास्थ्य केंद्र के भवन तो मौजूद हैं, लेकिन वहां चिकित्सकों की भारी कमी है।
* भ्रष्टाचार का आरोप: विधायक ने आरोप लगाया कि मौजूदा संसाधनों को नजरअंदाज कर नए निर्माण की निविदा (Tender) निकालना केवल कुछ लोगों को लाभ पहुँचाने की "संदिग्ध प्रक्रिया" है।
> "यह स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जनता की संपत्ति की लूट है। नए भवन बनाने से बेहतर है कि पहले से मौजूद केंद्रों में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।"
> — डॉ. शशि भूषण मेहता, विधायक
> उच्चस्तरीय जांच की मांग
डॉ. मेहता ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाएंगे। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले की CBI (सीबीआई) और ED (प्रवर्तन निदेशालय) से लिखित शिकायत करने की बात कही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि नए निर्माण पर फिजूलखर्ची रोकने के बजाय अधूरे पड़े कार्यों को पूरा किया जाए ताकि आम जनता को वास्तविक चिकित्सा लाभ मिल सके।
आगे की राह:
विधायक ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।
एक टिप्पणी भेजें