नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय: दो हजार विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन फंसा, 9 मार्च से परीक्षा पर संकट
मेदिनीनगर। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) के स्नातक सत्र 2025-29 के प्रथम सेमेस्टर के करीब दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी 9 मार्च से प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है, लेकिन विडंबना यह है कि पोर्टल देरी से खुलने के कारण नामांकन लेने वाले हजारों विद्यार्थियों का अब तक रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो पाया है। इस स्थिति ने छात्रों के बीच भारी असमंजस और आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि बिना रजिस्ट्रेशन के वे परीक्षा फॉर्म भरने और परीक्षा में बैठने से वंचित रह सकते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के साथ सरासर अन्याय करार देते हुए मांग की है कि रजिस्ट्रेशन से वंचित सभी छात्रों की प्रक्रिया जल्द पूरी कर उन्हें परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाए। इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. अजीत सेठ को मांग पत्र सौंपकर शीघ्र समाधान की अपील की है। छात्र नेताओं का कहना है कि लोकभवन के निर्देश पर फरवरी के अंत में चांसलर पोर्टल के माध्यम से जिन छात्रों का नामांकन लिया गया, उनका पंजीकरण अब तक लटका हुआ है।
वहीं, दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। परीक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि विभाग ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और परीक्षाएं निर्धारित तिथि यानी 9 मार्च से ही शुरू होंगी। हालांकि, छात्र संगठन अब भी इस मांग पर अड़े हैं कि यदि एक भी विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन के अभाव में परीक्षा से वंचित रहता है, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
फिलहाल, हजारों छात्र इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या परीक्षा से पहले उनका रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी या नहीं।
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